KAPURDA DHAM : 1671 ज्योति कलश से बनी कलश की आकृति
Ashish jain(pintu)
Sun, Sep 28, 2025
कपूर्दा: नवरात्रि में नौ दिनों तक भक्तों का लगा रहता है तांता
चौरई । चौरई से महज 12 किलोमीटर दूर सिद्ध शक्ति पीठ कपूर्दा धाम पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी नवरात्रि में अलग ही आस्था देखने मिल रही है। प्रातःकाल से देर रात तक भक्त माता के दर्शन करने दूरदराज क्षेत्रों से अनवरत आ रहे है। एवं माता के मंदिर में हाजरी लगाने वाले भक्तों की भी हर मनोकामना पूर्ण होती है जिसका जीता जागता उदाहरण भक्तों की उमड़ती भीड़ स्वयं साबित करती है, आस्था का केंद्र कपूर्दा में कलश से ही कलश की आकृति बनाई गई है जिसमें 71 कलश घी के एवं 1600 कलश तेल के है ,जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है
षष्ठी माता की कृपा से चमन हुआ कपूर्दा: माता के प्रकट होने से पूर्व कपूर्दा ग्राम ने कुछ भी नहीं था परंतु माता की कृपा से धीरे धीरे कपूर्दा ग्राम गुलज़ार हो गया ,लोगो की मनोकामनाएं पूर्ण होने लगी एवं ग्रामीणों के क्लेश भी दूर हो गए ,कपूर्दा मंदिर भक्तो की मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए प्रसिद्ध है।
इतिहास....भक्तों की आस्था का केंद्र कपूर्दा धाम में विराजमान चमत्कारिक षष्ठी माता ग्राम पटेल के खेत के कुआ से प्रकट हुई थी, माता के प्रकट होने के बाद से कपूर्दा में वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया, लोग धीरे धीरे माता की शक्ति से वाकिफ हो गए, गांव के पटेल श्रीवास्तव परिवार द्वारा माता के लिए मंदिर का निर्माण करवाया गया, जिसके बाद भक्त दूरदराज क्षेत्रों से वृहद संख्या में षष्ठी माता के दर्शन करने आने लगे, हर वर्ष नवरात्रि मंदिर में धूमधाम से मनाई जाती है। जवारे बोई जाती है भक्त अपनी मनोकामना पूरी करने कलश रखते है
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